Eyes Synk: जानिए क्यों अंदर की तरफ धंसने लगती हैं आंखें और क्या है इसके बचाव का तरीका?

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Eyes Synk: हौलो आइज़ यानी कि आंखों के धंसने की समस्या ज्यादातर लोगों में देखी जाती है चलिए जानते हैं क्यों धंसने लगती हैं आंखें? और इसका क्या उपाय है

आंखों का धसना आमतौर पर बुढ़ापे का लक्षण माना जाता है और बढ़ती उम्र के साथ आंखों के धंसने की समस्या उत्पन्न होती है लेकिन आज के समय में ज्यादातर लोगों की आंखें अंदर की तरफ धंसने लगती हैं लेकिन इसका क्या कारण है इसी के बारे में हम आज के इस लेख में विशेष रुप से जानेंगे और यह भी जानेंगे कि इससे किस तरह से बचाव किया जा सकता है तो चलिए जानते हैं कि क्यों धंसने लगती हैं आंखें?

What causes eyes sink: आमतौर पर जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ने लगती है वैसे-वैसे उसके शरीर में हारमोंस के बदलाव होते हो जिसकी वजह से उनके शरीर के अंदर भी कई तरह के परिवर्तन देखे जाते हैं जिसकी वजह से आंखों के धंसने की समस्या भी उत्पन्न होती है लेकिन मौजूदा समय में ज्यादातर लोगों की आंखें उम्र बढ़ने से पहले ही अंदर की तरफ धंसनी शुरू हो जाती हैं इसके कई सारे कारण भी होते हैं क्या आप इन कारणों के बारे में जानते हैं? यदि नहीं तो चलिए यह समझते हैं कि वह कौन कौन से कारण हैं जिसके कारण आंखें अंदर धंसती हैं

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नींद की कमी– आज के समय में इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति जल्दी उठता है और देर रात को सोता है जिसकी वजह से उसकी नींद पूरी नहीं हो पाती है और ऐसे में आंखों के नीचे डार्क सर्कल दिखाई देने लगते हैं और जब यही बहुत अधिक मात्रा में बढ़ने लगती है तो धीरे-धीरे समय बीतने के साथ-साथ आंखें अंदर की तरफ धंसनी शुरू हो जाती हैं यानी कि यदि इसे साधारण शब्दों में समझा जाए तो आंखों का अंदर की तरफ धंसना नींद की कमी के कारण भी हो सकता है

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आज के समय में नींद की कमी ज्यादातर लोगों में देखी जाती है क्योंकि अधिक कार्य करने के बाद यदि नींद पूरी ना की जाए तो यह धीरे-धीरे अनिद्रा की स्थिति उत्पन्न करने लगता है और लोग अनिद्रा के शिकार बन जाते हैं ज्यादातर लोगों में अनिद्रा की समस्या देखी जाती है क्योंकि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक कार्य करता है तो उसे अधिक थकान होती है और इस थकान के बाद उसे नींद पूरी करने की आवश्यकता होती है लेकिन ज्यादा समय ना होने के कारण लोग अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते हैं जिसकी वजह से इसका असर सीधा आंखों पर पड़ता है और धीरे-धीरे अंदर की तरफ धंसने लगती हैं आंखें

जब किसी व्यक्ति की आंखें धंसने लगती हैं तो इसे आमतौर पर हौलो आइज कहा जाता है हौलो आइज के अंदर व्यक्ति की आंखें या तो अंदर की तरफ धंस जाती हैं या फिर आंखों के नीचे खिंचाव दिखाई देने लगता है आईबॉल अंदर की तरफ चले जाते हैं और धीरे-धीरे आंखों की चमक भी कम होने लगती है आपने कई बार देखा होगा कि यदि किसी व्यक्ति की नींद पूरी नहीं होती है तो वह बिल्कुल थका थका महसूस करता है उसी तरह से जब आंखों की चमक धीरे-धीरे कम होने लगती है तो आंखों के अंदर भी थकान साफ दिखाई देने लगती है

हेल्थ लाइन में प्रकाशित की गई जानकारी के अनुसार इस प्रकार की समस्या अक्सर 30 साल की उम्र पूरी होने तक और 40 साल की उम्र खत्म होने के बाद दिखाई देनी शुरू हो जाती है

जानिए क्यों धंसती हैं आंखें

उम्र में वृद्धि– कोलेजन हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक एंजाइम है जो हमारे शरीर के अंदर ही उत्पन्न होता है लेकिन जैसे-जैसे शरीर का विकास होने लगता है और उम्र ढलनी शुरू हो जाती है वैसे वैसे कैलोजन का प्रोडक्शन भी कम हमें लगता है जिसकी वजह से हमारी त्वचा में वह सभी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण अंदर की तरफ धंसने लगती हैं आंखें, यह सिर्फ आंखों के लिए ही नहीं बल्कि इसका असर हमारे स्क्रीन पर भी दिखाई देता है जिसकी वजह से असमय स्किन में झुर्रियां और स्किन भी लटकनी शुरू हो जाती है

हमारी त्वचा को पूर्ण रूप से पोषण ना मिल पाने की वजह से स्किन मैं ढीलापन दिखाई देने लगता है आंखों के नीचे डार्क सर्कल दिखाई देने लगते हैं और धीरे-धीरे आंखें अंदर की तरफ धसने लगती हैं आंखों का अंदर की तरफ धंसना सिर्फ एक कोलेजन का प्रोडक्शन ही निर्धारित नहीं करता है बल्कि इसके और भी कई सारे अन्य कारण है जिसकी वजह से अंदर की तरफ धंसने लगती हैं आंखें.

पानी की कमी– जैसा कि हम सभी जानते हैं हमारे शरीर में 70% पानी और 30% अन्य तत्व होते हैं इसी की वजह से यदि हमारे शरीर में पानी की कमी होती है यानी कि डिहाइड्रेशन होता है तो इसका असर हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारे स्क्रीन पर भी दिखाई देने लगता है यदि आपके स्किन पर आपकी आंखों के आसपास इस तरह से डार्क सर्कल बनने शुरू हो गए हैं आपकी आंखें समय से पहले ही अंदर की तरफ धंसने लगी है तो आप लगातार इन दोनों चीजों के प्रोडक्शन को बढ़ाने वाली चीजों का उपयोग करके कुछ हद तक इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं

आंखों का अंदर की तरफ धंसना चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाता है इसके कई सारे और भी कारण है यदि आप किसी ऐसी जगह पर कार्य करते हैं जहां पर अधिक मात्रा में धूल और प्रदूषित वातावरण है तो इससे भी हमारी आंखों पर असर पड़ता है और हमारी आंखें अंदर की तरफ धंसने लगती हैं इसी के साथ सूर्य की रोशनी के साथ आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें भी हमारे स्किन पर असर डालती हैं जिसकी वजह से आंखों पर काफी ज्यादा असर होता है यदि आप चश्मा लगाते हैं तो चश्मे का नंबर सही ना होने के कारण भी यह आपके आंखों पर प्रभाव डाल सकता है

डार्क सर्कल और धंसती आंखों का इस तरह से कर सकते हैं बचाव

डार्क सर्कल और धंसती आंखों का बचाव करने के लिए आपको कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लेना चाहिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करना चाहिए और जब भी आप खाली समय में आराम कर रहे होते हैं तो ऐसे समय में खीरे के टुकड़े को अपनी आंखों पर रखकर आंखों को आराम देना चाहिए साथ ही साथ आपको ऐसे पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए जिनमें कैलोजन भरपूर मात्रा में पाया जाता है यदि आप इन सभी चीजों पर ध्यान देते हैं तो उम्र ढलने से पहले धरती आंखों का बचाव कर सकते हैं और इससे काफी हद तक राहत मिल सकती है

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अस्वीकरणयहां पर दी गई जानकारी सामान्य रूप से समझने के लिए है ना की किसी चिकित्सा का विकल्प है इस तरह के प्रयोग करने से पहले अपने विशेषज्ञ से राय जरूर लेना चाहिए धन्यवाद|

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