Pregnancy Test in Hindi: प्रेगनेंसी टेस्ट कब और कितने दिन बाद करना चाहिए?

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आप मां बनने वाली हैं या नहीं इसके लिए प्रेगनेंसी टेस्ट करना बहुत ही जरूरी होता है इसके लिए आपको pregnancy test in hindi के बारे में जरूर जानना चाहिए

हर औरत के लिए मां बनने का एहसास बहुत ही खूबसूरत होता है लेकिन आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसके लिए आपको Pregnancy Test in Hindi के बारे में जरूर जाना चाहिए यदि आपको ऐसा लगता है कि आप प्रेग्नेंट है तो इसके लिए आप के पास कई सारे तरीके मौजूद हैं जिनसे आप यह पता लगा सकती हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं यदि आप चाहें तो आप घर पर भी प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy Test at Home in Hindi) कर सकती हैं

प्रेगनेंसी को लेकर महिलाओं के मन में अक्सर कई सारे सवाल होते हैं और कई सारी दुविधाओं का सामना करना पड़ता है लेकिन क्या आप जानती हैं प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे करें इसके साथ आपको यह भी पता होना चाहिए कि प्रेगनेंसी टेस्ट कब करना चाहिए आज की इस लेख में हम इसे विस्तार से जानेंगे की प्रेगनेंसी टेस्ट क्या होता है प्रेगनेंसी टेस्ट कितने प्रकार का होता है और प्रेगनेंसी टेस्ट किस तरह से कार्य करता है चलिए जानते हैं Pregnancy Test in Hindi

प्रेगनेंसी टेस्ट क्या होता है? Pregnancy Test in Hindi

प्रेगनेंसी टेस्ट को लेकर कई सारी भ्रांतियां हैं जिसकी वजह से कई बार महिलाएं ज्यादा कंफ्यूज हो जाती हैं प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए आपको यह पता होना बहुत ही जरूरी है कि संबंध बनाने के कितने दिन के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए और किस समय प्रेगनेंसी टेस्ट करने से सबसे ज्यादा सटीक रिजल्ट मिलता है कई बार ऐसा होता है कि आप गलत समय पर या गलत तरीके से प्रेगनेंसी टेस्ट करती हैं जिसका रिजल्ट गलत आ जाता है

कई बार पीरियड्स का ना आना प्रेगनेंसी का लक्षण माना जाता है लेकिन इसकी कई सारे वजह होते हैं यह जरूरी नहीं है कि यदि पीरियड आने बंद हो गए हैं तो आप प्रेग्नेंट है ऐसे में बहुत ही जरूरी है कि आप अपना प्रेगनेंसी टेस्ट खुद करें और आपको यह सही तरीके से पता चल जाए कि आप वाकई में प्रेग्नेंट है या नहीं

प्रेगनेंसी टेस्ट से पता लग जाता है कि कोई महिला प्रेग्नेंट हुई है या नहीं, प्रेगनेंसी को निर्धारित करने के लिए कई सारे कारण हो सकते हैं जो आपके यूरिन और ब्लड में मौजूद होते हैं और इन्हीं की सहायता से प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाता है महिलाओं के प्रेग्नेंट होने के दौरान हारमोंस में कई प्रकार के बदलाव होते हैं यह बदलाव इतनी स्थिरता से होते हैं कि कई बार महिलाओं को यह पता भी नहीं चलता है यदि आपको ऐसे लक्षण नजर आते हैं या फिर आपको लगता है कि आप प्रेग्नेंट है तो आपको इस Pregnancy Test in Hindi को पढ़कर यह पता लगा सकती हैं

Pregnancy Test कितने दिन बाद करना चाहिए?

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pargent test in hindi- अक्सर महिलाओं के सामने यह स्वाभाविक प्रश्न कई बार आता है कि प्रेगनेंसी टेस्ट कितने दिन बाद करना चाहिए या फिर पीरियड ना आने की स्थिति में प्रेगनेंसी टेस्ट को कितने दिन के बाद किया जाए अक्सर प्रेगनेंसी का पता तब चलता है जब महिलाओं के खून से HCG हार्मोन का स्राव होने लगता है

इस प्रक्रिया को पूरा होने में 6 से 7 दिन का समय लगता है जिसका मतलब साफ है कि यदि आपके पीरियड्स मिस हो गए हैं तो आपको कम से कम 1 हफ्ते तक का इंतजार कर लेना चाहिए जिसके बाद आपको प्रेगनेंसी का टेस्ट करना चाहिए यदि आप इस तरह से प्रेगनेंसी टेस्ट करती हैं तो आप इसका सही रिजल्ट पा सकती हैं

प्रेगनेंसी टेस्ट कितने प्रकार के होते हैं– सामान्य तौर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने के 2 तरीके उपलब्ध है जिनमें पहला तरीका यूरीन सैंपल के द्वारा और दूसरा ब्लड सैंपल के द्वारा लेकिन इसके अलावा भी कई सारे तरीके मौजूद हैं यदि आप घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहती हैं और आपके घर में प्रेगनेंसी किट मौजूद नहीं है तो इसके लिए salt pregnancy test का उपयोग करके भी प्रेगनेंसी टेस्ट किया जा सकता है

salt pregnancy test– नमक के द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए सुबह की पहली पेशाब का सैंपल इकट्ठा करना चाहिए और इसमें तीन चौथाई चम्मच नमक मिलाना चाहिए इसके बाद आपको कम से कम एक 2 मिनट तक इंतजार करना चाहिए यदि नमक और यूरिन का रिएक्शन होता है जिसके कारण झाग बन जाता है (दरअसल होता यह है कि प्रेगनेंसी होने पर यूरिन में मौजूद एचसीजी हार्मोन नमक के साथ मिलकर झाग बनाता है जिससे यह पता चलता है कि आप प्रेग्नेंट नहीं है) यही यदि आप प्रेग्नेंट है तो प्रेग्नेंट होने की स्थिति में नमक और यूरिन मिलकर किसी भी प्रकार की प्रक्रिया नहीं करता है

ब्लड प्रेगनेंसी टेस्ट और यूरीन प्रेगनेंसी टेस्ट के द्वारा HCG यानी ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रॉपिन नामक हार्मोन की उपस्थिति का पता चलता है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह हारमोंस प्लेसेंटा के द्वारा उत्पन्न होता है और यही वह वजह है जिसके कारण महिलाओं के शरीर में गर्भावस्था या प्रेगनेंसी के दौरान प्रेगनेंसी के लक्षण दिखाई देते हैं

यूरिन के द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट करने का तरीका

यूरिन के द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट करवाने के दो तरीके मौजूद हैं जिसके अनुसार आप चाहें तो डॉक्टर के पास जाकर अपना प्रेगनेंसी टेस्ट करवा सकती हैं इसके अलावा यदि आप घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy Test at Home) करना चाहती हैं तो इसके लिए आप प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) करने वाले कीट की सहायता से दी प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हैं इसके लिए आपको सबसे पहले अपने यूरिन को इकट्ठा करना होगा और उसमें प्रेगनेंसी किट डालकर टेस्ट करना होगा दूसरी अवस्था में आप डायरेक्ट किट पर यूरिन को इकट्ठा करके कर सकती हैं

ब्लड के द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट

ब्लड सैंपल की सहायता से किया जाने वाला प्रेगनेंसी टेस्ट दो प्रकार से किया जाता है जिसमें पहला टेस्ट क्वांटिटी टू ब्लड टेस्ट होता है जो ब्लड में एचसीजी की मौजूद मात्रा को दर्शाता है जिससे यह पता चलता है कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं यहीं पर जो दूसरा टेस्ट होता है वह क्वालिटेटिव ब्लड टेस्ट के नाम से जाना जाता है जो साफ तौर पर यह निर्धारित करता है कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं है

प्रेगनेंसी टेस्‍ट करने के लक्षण

यदि मासिक धर्म चक्र सही तरीके से नहीं चल रहा है और आपके पीरियड्स मिस हो चुके हैं आपके पेट में हमेशा ऐठन बनी रहती है साथ ही साथ आपको हारमोंस बदलाव के कारण ब्रेस्ट छूने पर दर्द जैसा महसूस हो रहा है तो यह प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं ऐसे में आपको एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) जरूर कर लेना चाहिए साथ ही साथ यदि आपको मतली आ रही है या फिर किसी भी प्रकार के फूड से एलर्जी हो रही है आपको थकान जैसा महसूस होता है और बार-बार पेशाब होने की शिकायत महसूस हो रही है तो भी प्रेगनेंसी के लक्षण हो सकते हैं

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